सोमवार, 23 नवंबर 2015

ख़ुशी के मौके पर सब कुछ चलता है सपा के एक विधायक कहते नज़र आये ,मुज़रे से आगे निकल एक दिन सड़कों पर यूपी की निर्वस्त्रीकर नृत्य ,भी हो जाए। नेताजी के ये एमएलए मुम्बईया फिल्मों का एक कुशल किरदार दिखलाई दिए हैं। अनेक संभावनाएं हैं इस पार्टी की।

 तलवार का इस्तेमाल विरोधी की गर्दन काटने के लिए किया जाता था। झटका मीट खाने वाले इसका इस्तेमाल  बकरे  की  गर्दन काटने में भी करते देखे गए हैं। इधर समाजवादी पार्टी के लोगों ने केक जैसी कोमल चीज़ को काटने में इसका इस्तेमाल  किया। खून तो नहीं निकला लेकिन केक की आत्मा क्या सोचती होगी। कैसे कैसे जीव हैं इस चौरासी लखिया योनि में।

बचपन में हमें नौटंकी देखने की तो कौन कहे उस बाज़ार में से गुज़रने की इज़ाज़त भी नहीं मिलती थी जिसमें बुलंदशहर की सालाना  नुमाइश के दौरान नौटंकी मेला मेला भी आता था।
अलबत्ता तीसरी कसम का वह गीत और उसका फिल्मांकन भूले नहीं भूलता 'पान खाए सैयां हमारो 'भारत के उत्तर प्रदेश  की कबीलाई समाजवादी पार्टी यूपी के नेताजी के जन्मदिन जश्न पर नौटंकी बाई को पंचायत घर तक ले आई। ख़ुशी के मौके पर  सब कुछ चलता है सपा के एक विधायक कहते नज़र आये ,मुज़रे से आगे निकल एक दिन सड़कों पर यूपी की निर्वस्त्रीकर नृत्य ,भी हो  जाए। नेताजी के ये एमएलए मुम्बईया फिल्मों का एक कुशल किरदार दिखलाई दिए हैं। अनेक संभावनाएं हैं इस पार्टी की।



     

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